दादा कि यादें

करते थे वो हम सबसे प्यार
था उनको सबका लाड दुलार
था उनको अपने दूकान से बड़ा लगाव
कहते थे मुझसे सामान मंगाव
बड़ा ही अनोखा था उनके साथ का ये सफर
पूरी रामेश्वरम का वो प्यारा नगर
दादा की और आदी की थी वो बड़ी निराली जोड़ी
करते थे हमेशा एक दूसरे की खोड़ी
करते थे मुझे परेशान बार बार चंचल चंचल आवाज देते हजार बार
जाती थी जब मैं उनके पास कहते थे तू नहीं
दादी को भेज मेरे paaपास

Anushka Malpani

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My family
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